MAAsterG ने किया “श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान यज्ञ” कार्यक्रम में मार्गदर्शन

(रईस अल्वी संवाददाता,)

“श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान यज्ञ” पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन वृंदावन में किया गया। यह कार्यक्रम प्रभि काशी विश्व परिषद के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु MAAsterG मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ श्री कार्ष्णि नागेन्द्र जी महाराज तथा हरिवंश जी महाराज विश्व प्रसिद्ध योग वैद्य की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण MAAsterG का प्रेरणादायक संबोधन रहा, जिसमें उन्होंने जीवन में सच्चे सुख को प्राप्त करने के लिए जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन, आत्म-जागरूकता और आध्यात्मिक साधना के महत्व पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में MAAsterG ने “ भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “जो देवताओं को चाहते हैं, वे देवताओं को प्राप्त करते हैं, जो यक्षों को चाहते हैं, वे यक्षों को प्राप्त करते हैं, और जो मुझे चाहते हैं, वे मुझे प्राप्त करते हैं।” उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन और मृत्यु के चक्र से ऊपर उठकर परम धाम की ओर अग्रसर होने का मार्ग दिखाया था।

MAAsterG ने कहा कि ब्रजभूमि केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि परमात्मा के सान्निध्य का जीवंत अनुभव है। यहाँ की सादगी, प्राकृतिक वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा साधकों को ईश्वर के निकट ले जाने का अनूठा अवसर प्रदान करती है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान के प्रेम और भक्ति में डूबने, राधा भाव को अपने भीतर जागृत करने तथा परम आनंद और परम धन की प्राप्ति के लिए प्रेरित किया।

MAAsterG ने कहा कि ब्रज में आत्मा का परमात्मा के साथ दिव्य रास हुआ था और आज भी यह भूमि साधकों को उसी आध्यात्मिक अनुभव की ओर आमंत्रित करती है। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के मन को गहराई से स्पर्श किया और पूरे कार्यक्रम का वातावरण भक्ति, आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया

MAAsterG को 2007 में आत्मबोध की प्राप्ति हुई थी और पिछले 16 वर्षों से MAAsterG ने अपने अनुभव को लाखों लोगों के साथ एक-एक कर के साझा किया और देखा कि 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 वर्ष की दादी तक, चार पीढ़ियाँ एक साथ खुश होकर झूम रही थीं। इसी अनुभव के आधार पर दिसंबर 2023 में उन्होंने अपने ज्ञान को पूरी दुनिया तक पहुँचाने का निर्णय लिया और “MAAsterG” के नाम से सभी सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर आए। उन्होंने “मिशन 800 करोड़” की शुरुआत की – जिसका उद्देश्य है दुनिया के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना – और उनका नारा है: “हैप्पीनेस गैरंटीड” (खुशी की गारंटी)।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *