रिपोर्ट: रईस अल्वी, वरिष्ठ पत्रकार
STAR NEWS 24 DESK
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू किया जाएगा। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल तक प्रदेश भर के 249 मूल्यांकन केंद्रों पर संपन्न होगी। बोर्ड ने मूल्यांकन को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि मूल्यांकन के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा। किसी भी शिक्षक या कर्मचारी द्वारा कॉपियों से संबंधित जानकारी को मौखिक, लिखित, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से साझा करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति गोपनीयता का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। वहीं हर मूल्यांकन केंद्र पर जिलाधिकारी की ओर से स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। पूरी प्रक्रिया वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी, जिनकी सीधी कनेक्टिविटी जिला और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से जोड़ी जाएगी।
बोर्ड ने साफ निर्देश दिए हैं कि मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षक और कर्मचारी मूल्यांकन कक्ष में मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर नहीं जा सकेंगे। केंद्रों की सुरक्षा के लिए एलआईयू टीम और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
मूल्यांकन कार्य समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को सुरक्षित तरीके से क्षेत्रीय कार्यालयों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक वाहन के साथ दो सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
बोर्ड के निर्देशानुसार 17 मार्च को सभी मूल्यांकन केंद्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान उप नियंत्रक द्वारा मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की ओर से उन्हें परिचय पत्र भी जारी किए जाएंगे।
यूपी बोर्ड का कहना है कि इन सख्त इंतजामों का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है, ताकि छात्रों के परिणाम सही और समय पर घोषित किए जा सकें।