संभल, 20 सितंबर। सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और मजबूत इरादों से सफलता हासिल करने वाली गुन्नौर तहसील क्षेत्र के ईशमपुर डांडा गांव की 28 वर्षीय गायत्री देवी ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हैं। हाईस्कूल तक पढ़ी गायत्री ने दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डे-एनआरएलएम) से जुड़कर अपने कारोबार को विस्तार दिया और करीब 50 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा।
वर्ष 2019 में नारायण हरी स्वयं सहायता समूह की समूह सखी के रूप में सक्रिय हुईं गायत्री को शुरुआत में 15 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2021 में एक लाख रुपये की सीसीएल और 2022 में 2.50 लाख रुपये की दूसरी सीसीएल प्राप्त की। सीआईएफ फंड के सहयोग से उन्होंने कॉस्मेटिक, किराना और सरकंडे के मूढ़े बनाने का काम शुरू किया।
आज उनके कारोबार को कुल 3.65 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग मिल चुका है। मूढ़ा निर्माण और बिक्री से समूह को हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की आमदनी होती है, जबकि दुकानों समेत गायत्री की मासिक आय लगभग 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
गायत्री बहजोई, चंदौसी और गुन्नौर में आयोजित सरकारी मेलों और प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों के स्टॉल भी लगा चुकी हैं। अब उनका लक्ष्य गांव के नजदीक उत्पादन इकाई स्थापित कर सैकड़ों महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने उनके प्रयासों को प्रेरणादायी बताते हुए समूहों को बैंक लिंकेज और बाजार उपलब्ध कराने की बात कही।