
सम्भल (बहजोई),
जनपद सम्भल में जरूरतमंदों को भीख मांगने की प्रवृत्ति से बाहर निकालकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल के निर्देशन में उम्मीद संस्था के अंतर्गत डॉ. रैना शर्मा द्वारा संचालित ‘भीख से सीख’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को सम्मानजनक रोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यह पहल भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की SMILE योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इसी क्रम में बहजोई में भीख मांगने वाली राधिका को सम्भल स्थित आश्रय गृह में रखकर उसे आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक किया गया।
संस्था के प्रयासों से प्रेरित होकर राधिका ने अपनी मेहनत और हुनर का परिचय देते हुए मिट्टी के साधारण दीपकों को आकर्षक ढंग से सजाकर नया रूप दिया है। अब दीपावली और अन्य त्योहारों के अवसर पर इन दीपकों की बिक्री कर वह अपनी आजीविका अर्जित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
जिलाधिकारी के निर्देशन में उम्मीद संस्था द्वारा राधिका को बाजार क्षेत्र में अस्थायी दुकान या काउंटर उपलब्ध कराया जाएगा। यहां सजाए गए मिट्टी के दीपकों के अलावा भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमाएं, धूपबत्ती, अगरबत्ती तथा अन्य पूजन सामग्री भी बेची जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य राधिका को भीख मांगने के बजाय अपने हुनर और मेहनत से सम्मानजनक आय अर्जित करने का अवसर देना है। प्रशासन और संस्था की यह कोशिश जरूरतमंदों को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।