रईस अल्वी, वरिष्ठ पत्रकार
STAR NEWS 24 : राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने छह राज्यों से कुल नौ नेताओं को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
इन राज्यों से घोषित किए गए उम्मीदवार
भाजपा ने बिहार से दो उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं—नितिन नवीन और शिवेश कुमार। वहीं असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को टिकट दिया गया है। छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। हरियाणा से संजय भाटिया को राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा गया है।
ओडिशा से पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और सुजीत कुमार के नामों की घोषणा की है, जबकि पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है।
नामांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है। बिहार की पांच सीटों समेत देश के 10 राज्यों की कुल 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान प्रस्तावित है। बिहार में अधिसूचना 26 फरवरी को जारी हुई थी और नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है।
होली के अवकाश के चलते उम्मीदवारों के पास नामांकन दाखिल करने के लिए सीमित समय बचा हुआ है, इसलिए राजनीतिक दल तेजी से अपने प्रत्याशियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।
बिहार में मुकाबला दिलचस्प
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। जिन नेताओं का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, प्रेमचंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।
इनमें हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर जनता दल (यूनाइटेड) से, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह राष्ट्रीय जनता दल से, जबकि उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से राज्यसभा सदस्य हैं।
संख्या बल के आधार पर एनडीए मजबूत
बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए पांच में से चार सीटें एनडीए के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं पांचवीं सीट को लेकर राजनीतिक समीकरण बनते-बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार जेडीयू की ओर से रामनाथ ठाकुर का नाम एक बार फिर आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो वे तीसरी बार राज्यसभा पहुंच सकते हैं, जो पार्टी के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड माना जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में अब सबकी नजरें नामांकन की अंतिम तारीख और आगे बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं।