भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत के बाद समझौते पर सहमति लगभग बन चुकी है। शुरुआती दौर की बैठकें दिल्ली में हुई थीं, जबकि अब वॉशिंगटन में अंतिम चर्चा जारी है, जहां इस डील पर मुहर लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत काफी सकारात्मक और परिणामकारी रही है। अधिकतर अहम मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। इस डील को भारत की सक्रिय कूटनीति और वैश्विक रणनीति का अहम परिणाम माना जा रहा है।
ट्रेड डील का पहला चरण यानी ‘फर्स्ट ट्रेंच’ लगभग तैयार है। भारत की ओर से वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन और अमेरिका की ओर से यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ब्रेंडन लिंच इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी संकेत दिए हैं कि समझौता जल्द ही घोषित किया जा सकता है।
इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू टैरिफ में कटौती है। प्रस्ताव के अनुसार, कई भारतीय उत्पादों पर लगने वाला आयात शुल्क, जो पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे घटाकर करीब 18 प्रतिशत तक लाने की योजना है। इससे ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद अमेरिकी बाजार में सस्ते और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और चीन जैसे देशों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, भारतीय अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन में मौजूद है, जहां 20 से 22 अप्रैल के बीच इस डील के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा रहा है।