रिपोर्ट: रईस अल्वी
STAR NEWS 24 – डेस्क
भोपाल – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के विकास का मजबूत आधार भी है। साथ ही यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक जनभागीदारी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार भू-जल दोहन के कारण जल स्तर गिर रहा है, वहीं प्राचीन जल संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो रही हैं और नदियों का प्रवाह भी कम हो रहा है। ऐसे में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।
मंत्रालय में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2026 के अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में वर्ष 2025 की उपलब्धियों और वर्ष 2026 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, संजय दुबे, नीरज मंडलोई, दीपाली रस्तोगी और शिवशेखर शुक्ला सहित कई अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिलों के कलेक्टर वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संरचनाओं के जलग्रहण क्षेत्रों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाएगा और वहां व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक सहयोग से प्याऊ लगाने की व्यवस्था को बढ़ावा देने, प्लास्टिक बोतलों के उपयोग को हतोत्साहित करने और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन जिलों में जल संरक्षण को लेकर बेहतर नवाचार हुए हैं, वे अपने अनुभव अन्य जिलों के साथ साझा करें, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत बनाया जा सके।
रिपोर्ट: रईस अल्वी
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