जंग के बीच ईरान में नए सुप्रीम लीडर का चयन, सुरक्षा कारणों से नाम का ऐलान टला

तेहरान। युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान में नए सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। देश की सबसे शक्तिशाली धार्मिक संस्था Assembly of Experts इस प्रक्रिया को पूरा कर रही है। 88 सदस्यों वाली यह परिषद ही ईरान के सर्वोच्च नेता का चुनाव करती है।

परिषद के सदस्य Ayatollah Mohammad‑Mehdi Mirbagheri ने बताया कि नए सुप्रीम लीडर के नाम पर अधिकांश सदस्यों की सहमति बन चुकी है। हालांकि अंतिम घोषणा से पहले कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं, इसलिए फिलहाल नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

घोषणा में देरी की वजह

ईरानी मीडिया के अनुसार परिषद के सदस्यों के बीच इस बात पर मतभेद है कि नए नेता की घोषणा किस तरह की जाए। कुछ सदस्य चाहते हैं कि सभी सदस्य आमने-सामने बैठक कर औपचारिक फैसला लें, जबकि अन्य का मानना है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए बिना बड़ी बैठक बुलाए ही घोषणा कर दी जानी चाहिए।

परिषद के सदस्य Mohsen Heydari Alekasir ने कहा कि वर्तमान हालात असाधारण हैं और बड़ी बैठक आयोजित करने से दुश्मनों को हमला करने का अवसर मिल सकता है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरती जा रही है।

युद्ध के कारण बढ़ी सुरक्षा चिंता

28 फरवरी से जारी संघर्ष के दौरान ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य कमांडर मारे जा चुके हैं। इन्हीं हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की भी मौत होने की खबर सामने आई थी, जिसके बाद देश में नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई।

दूसरी ओर Israel Defense Forces (IDF) ने चेतावनी दी है कि खामेनेई के संभावित उत्तराधिकारी को भी निशाना बनाया जा सकता है। इस कारण ईरान में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

हमलों में परिषद की इमारत भी तबाह

रिपोर्ट्स के मुताबिक हवाई हमलों के दौरान Qom शहर में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स से जुड़ी एक इमारत भी नष्ट हो गई थी। परिषद के वरिष्ठ सदस्य Ahmad Alamolhoda और अन्य नेताओं का दावा है कि नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है और जल्द ही परिषद के चीफ सेक्रेटरी Hashem Hosseini Bushehri इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे।

मोजतबा खामेनेई का नाम सबसे आगे

नए सुप्रीम लीडर की दौड़ में Mojtaba Khamenei का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। 56 वर्षीय मोजतबा, दिवंगत नेता अली खामेनेई के बेटे हैं और उन्हें कट्टरपंथी धर्मगुरु माना जाता है। साथ ही Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के साथ उनके करीबी संबंध भी बताए जाते हैं।

हालांकि उन्होंने कभी कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला है, लेकिन लंबे समय से उन्हें अपने पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है।

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