
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की सत्ता को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के संभावित अगले सुप्रीम लीडर माने जा रहे Mojtaba Khamenei के इजराइली हवाई हमले में घायल होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह हमला 28 फरवरी को शुरू किए गए इजराइल के सैन्य अभियान Operation Lion’s Roar के दौरान हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उसी दौरान अमेरिका ने भी Operation Epic Fury नाम से सैन्य कार्रवाई की थी। इन संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei समेत इस्लामिक गणराज्य के करीब 40 वरिष्ठ नेताओं के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इसी हमले में मोजतबा खामेनेई की पत्नी Zahra Haddad Adel की भी मौत हो गई। वह ईरान के प्रभावशाली धार्मिक-राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती थीं।
चोट की स्थिति स्पष्ट नहीं
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई हमले के समय अपने पिता के साथ उसी परिसर में मौजूद थे या किसी अलग हमले में घायल हुए। उनकी चोटों की गंभीरता को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक वह फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं और सुरक्षा कारणों से सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।
सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया जारी
ईरान में सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक पद यानी सुप्रीम लीडर का चुनाव Assembly of Experts करती है। 88 सदस्यों वाली यह संस्था ही देश के अगले सर्वोच्च नेता का चयन करती है।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक परिषद की बैठक हो चुकी है और नए सुप्रीम लीडर का चयन भी कर लिया गया है। परिषद के सदस्यों Mohsen Heydari Alekasir और Ahmad Alamolhoda ने इसकी पुष्टि की है, हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि हालिया हमलों में परिषद की इमारत को नुकसान पहुंचने के कारण बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई थी।
IRGC का समर्थन माना जा रहा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई को ईरान की शक्तिशाली सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का समर्थन हासिल है, जो लंबे समय से देश की सत्ता संरचना में अहम भूमिका निभाती रही है। सुप्रीम लीडर बनने वाले व्यक्ति के पास इस प्रभावशाली सैन्य संगठन पर भी नियंत्रण होता है।
ट्रंप ने जताई आपत्ति
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने मोजतबा खामेनेई को संभावित सुप्रीम लीडर बनाए जाने की संभावना की आलोचना की है। ट्रंप का कहना है कि यदि ऐसा होता है तो इससे क्षेत्र में जारी संघर्ष समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि ईरान को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो क्षेत्र में शांति और संतुलन स्थापित कर सके।
मध्य पूर्व में जारी सैन्य टकराव और ईरान की सत्ता में संभावित बदलाव ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन बनेगा और इसका वैश्विक राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा।