पोस्ट बजट वेबिनार में बोले पीएम मोदी: हेल्थ सेक्टर में बढ़े अवसर, केयरगिवर्स की मांग बढ़ेगी

https://portfolio.investmentguruindia.com/uploads/news/narendra_modi_456.jpg

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद आयोजित ‘सबका साथ, सबका विकास’ वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं है, बल्कि देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट का मूल मंत्र “Fulfilling Aspirations of People” यानी जन आकांक्षाओं की पूर्ति है।

यह वेबिनार पोस्ट-बजट संवाद श्रृंखला का 14वां कार्यक्रम था, जिसमें बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र तेजी से मजबूत हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अब ग्रामीण इलाकों तक बढ़ी है।

पीएम मोदी ने आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पहलों के जरिए गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से अधिक सुलभ हो रही हैं और गरीबों को बेहतर इलाज मिल रहा है।

‘केयर इकॉनमी’ में बढ़ेंगे रोजगार

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते भविष्य में केयरगिवर्स की मांग तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने इसे “केयर इकॉनमी” का उभरता हुआ क्षेत्र बताया और कहा कि इसमें रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होंगी। इसके लिए सरकार को आधुनिक प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली मजबूती

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में कई जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिससे देश का स्वास्थ्य ढांचा मजबूत हुआ है। साथ ही योग और आयुर्वेद जैसी भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां भी विश्व स्तर पर लोकप्रिय हो रही हैं।

शिक्षा को अर्थव्यवस्था से जोड़ने की जरूरत

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के शिक्षा तंत्र को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को और तेज करना होगा। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, डिजिटल इकोनॉमी और डिजाइन-ड्रिवन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहलों से देश के खेल तंत्र को नई ऊर्जा मिली है और खेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है, ताकि युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें और भारत वैश्विक खेल मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *