बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश को अब केवल AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ही नहीं, बल्कि HI (हिंदुत्व इंटेलिजेंस) की भी आवश्यकता है। उनके अनुसार HI का अर्थ समाज को संगठित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल युग में शिक्षा की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। युवाओं को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कौशल विकास, तकनीकी ज्ञान और आत्मनिर्भरता पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे वे रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे और देश के विकास में सक्रिय योगदान दे सकेंगे।
अपने संबोधन में उन्होंने जातिवाद को समाज की बड़ी चुनौती बताते हुए इसे समाप्त करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि सामाजिक समरसता और एकता के बिना किसी भी राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है।
शास्त्री ने देश के उद्योगपतियों और बड़े कारोबारी घरानों से युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और रोजगार का मजबूत संबंध ही भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। उनका यह बयान सोशल मीडिया और जनमानस में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।