
रिपोर्ट: रईस अल्वी, वरिष्ठ संवाददाता =
STAR NEWS 24 – डेस्क
Punjab and Haryana High Court ने 2002 के चर्चित छत्रपति हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए Gurmeet Ram Rahim Singh को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए, इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाता है।
तीन दोषियों की सजा बरकरार
हालांकि हाईकोर्ट ने इस मामले में अन्य तीन आरोपियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन तीनों के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं, इसलिए उनकी सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया।
सीबीआई अदालत के फैसले में आंशिक संशोधन
दरअसल, इस मामले में 2019 में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम सहित चार लोगों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
लंबी सुनवाई और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई अदालत के फैसले में आंशिक संशोधन करते हुए राम रहीम को बरी कर दिया।
अन्य मामलों में जेल में ही रहेंगे राम रहीम
हालांकि इस मामले में राहत मिलने के बावजूद गुरमीत राम रहीम को फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिलेगी। वह अभी हरियाणा की Sunaria Jail में बंद हैं और दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं।
बीते वर्षों में उन्हें कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आने की अनुमति भी मिलती रही है।
अदालत के फैसले का महत्व
हाईकोर्ट के इस फैसले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि किसी भी आपराधिक मामले में यदि पर्याप्त सबूत मौजूद न हों तो आरोपी को संदेह का लाभ दिया जा सकता है। वहीं अन्य दोषियों की सजा पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ा है।