नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन गुरुवार को 19वें दिन भी जारी रहा। लगातार उपवास के चलते उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट गया है। स्वास्थ्य में गिरावट को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी डॉक्टरों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया। अदालत ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का जीवन सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं छोड़ा जा सकता।
डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय से भोजन न लेने के कारण सोनम वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर कम बना हुआ है। हालांकि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन चिकित्सकों ने लगातार निगरानी की आवश्यकता बताई है।
इस बीच सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि उनकी तबीयत पहले जैसी नहीं है, लेकिन वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने समर्थकों से अनशन खत्म कराने की अपील करने के बजाय 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब सरकारी चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह मामला जनहित याचिका के माध्यम से अदालत पहुंचा था, जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आवश्यक निर्देश देते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।