मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खर्ग आइलैंड पर बड़े सैन्य हमले का दावा किया है। उनके अनुसार अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने द्वीप पर मौजूद कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर व्यापक बमबारी की, जिसमें सभी प्रमुख सैन्य लक्ष्य नष्ट कर दिए गए।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी बयान में कहा कि यह कार्रवाई उनके सीधे आदेश पर की गई और इसे क्षेत्र के इतिहास के सबसे शक्तिशाली सैन्य अभियानों में से एक बताया। उन्होंने दावा किया कि इस हमले के दौरान ईरानी सेना प्रभावी जवाब देने में सक्षम नहीं रही।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि हमले के दौरान तेल से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया, ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल असर न पड़े। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो अमेरिका अपने रुख पर पुनर्विचार कर सकता है और आगे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
ट्रंप ने अपने बयान में अमेरिकी सेना की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में सेना को आधुनिक और अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया गया है, जिससे वह दुनिया की सबसे प्रभावशाली सैन्य शक्ति बन चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले के दावों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ने की संभावना है।