अप्रैल से बदल जाएंगे टैक्स के नियम, करोड़ों टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा सीधा असर
केंद्रीय बजट 2026 के बाद 1 अप्रैल 2026 से देश में इनकम टैक्स से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका असर करोड़ों टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा। सरकार ने टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं।
सबसे अहम बदलाव यह है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो जाएगा, जिससे लंबे समय से लागू इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह नई कर व्यवस्था लागू होगी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टैक्स स्लैब में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
टैक्सपेयर्स के लिए ये 7 बड़े बदलाव
▪️ नया इनकम टैक्स कानून लागू – 1 अप्रैल से नई कर प्रणाली लागू होगी।
▪️ ITR-3 और ITR-4 की डेडलाइन बढ़ी – अब बिना ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
▪️ ITR-1 और ITR-2 की अंतिम तिथि यथावत – इन फॉर्म्स के लिए डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी।
▪️ टैक्स ऑडिट मामलों की डेडलाइन – ऑडिट केस में रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर ही रहेगी।
▪️ रिवाइज्ड रिटर्न का समय बढ़ा – अब 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा।
▪️ TCS दरों में बदलाव – टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स को तर्कसंगत बनाया गया है ताकि रिफंड प्रक्रिया तेज हो सके।
▪️ विदेशी संपत्ति घोषित करने का मौका – टैक्सपेयर्स को एक बार का अवसर दिया गया है ताकि वे अनघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकें।
सरकार का कहना है कि इन सुधारों से टैक्स अनुपालन आसान होगा और रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा सरल और पारदर्शी बनेगी। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद टैक्सपेयर्स को अपनी वित्तीय योजना और निवेश रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।