संभल। माहे रमजान की शुरुआत के साथ ही जनपद के बाजारों में फलों की मांग में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इफ्तार में खजूर, केला, सेब, पपीता, तरबूज और अंगूर जैसे फलों का विशेष महत्व होता है, जिसके चलते इनके दामों में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रोजेदारों की बढ़ती संख्या और शाम के समय इफ्तार की तैयारियों ने फल बाजार में रौनक तो बढ़ाई है, लेकिन महंगाई ने आम उपभोक्ताओं की चिंता भी बढ़ा दी है।
फल विक्रेताओं का कहना है कि रमजान के दौरान फलों की खपत सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो जाती है। खासतौर पर खजूर और केला की मांग सबसे ज्यादा रहती है। इस बार आवक अपेक्षाकृत कम होने और थोक बाजार में पहले से ही ऊंचे दाम होने के कारण खुदरा कीमतों में तेजी आई है।
स्थानीय बाजार में सेब, अंगूर और पपीता के दामों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए रोजाना फल खरीदना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। कई महिलाओं ने बताया कि घर का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है और अब सीमित मात्रा में ही फल खरीदे जा रहे हैं।
व्यापारियों के अनुसार परिवहन लागत, ईंधन मूल्य और बाहरी मंडियों से महंगे रेट पर माल आने से कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सप्लाई बढ़ने पर दामों में कुछ राहत मिल सकती है।