नई दिल्ली। ओमान की खाड़ी में जहाजों पर हुए हमलों और भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे ने देश में सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस बीच पूर्व मेजर जनरल जीडी बख्शी ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार और संबंधित पक्षों को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में समुद्री क्षेत्र में हुई घटनाओं के कारण भारतीय परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंची है। ऐसे मामलों में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ-साथ घटना के कारणों और जिम्मेदार पक्षों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
बख्शी ने भारत-अमेरिका संबंधों, रक्षा सहयोग और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि रणनीतिक साझेदारी केवल समझौतों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि संकट की परिस्थितियों में भी उसका प्रभाव दिखाई देना चाहिए।
पूर्व सैन्य अधिकारी ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय घटना में जिम्मेदारी तय करने के लिए तथ्यों, जांच रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों का इंतजार करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कार्रवाई में भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं तो उनके परिवारों को न्याय और उचित सहायता मिलनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का बड़ा व्यापार इन्हीं रास्तों से होता है। ऐसे में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी घटनाक्रम पर सरकार की कूटनीतिक पहल और जांच के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है और सभी की निगाहें आधिकारिक जांच और सरकार की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।