रईस अल्वी वरिष्ठ संवाददाता संभल
संभल जनपद में माह-ए-रमजान के आखिरी जुम्मे “जुम्मा अलविदा” की नमाज शुक्रवार को पूरे श्रद्धा, आस्था और भाईचारे के साथ अदा की गई। इस अवसर पर जिले की सभी प्रमुख मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी और मस्जिदें खचाखच भरी नजर आईं। नमाज के दौरान अमन-चैन, खुशहाली और देश-दुनिया की तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं।
जुम्मा अलविदा के मद्देनजर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन सुबह से ही अलर्ट मोड पर नजर आया। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, वहीं प्रमुख चौराहों और मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी रखी गई। कई स्थानों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई, जिससे नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मस्जिदों के बाहर नमाजियों की अधिक संख्या को देखते हुए टेंट और अस्थायी व्यवस्था भी की गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने कतारबद्ध होकर नमाज अदा की। नमाज के दौरान अनुशासन और शांति का माहौल देखने को मिला। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को जुम्मा अलविदा की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे व सद्भाव का संदेश दिया।
रमजान के पाक महीने के अंतिम जुम्मे पर कई लोगों ने जरूरतमंदों को जकात और फितरा भी अदा किया। समाज के सक्षम लोगों द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की परंपरा इस मौके पर भी देखने को मिली। बाजारों और मस्जिदों के आसपास भी खासा रौनक भरा माहौल रहा, जहां लोगों ने इबादत के साथ-साथ खरीदारी भी की।
धार्मिक विद्वानों ने अपने संबोधन में कहा कि रमजान का महीना इंसान को संयम, सेवा और सद्भाव का संदेश देता है। जुम्मा अलविदा के मौके पर की गई दुआएं इंसानियत और शांति की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद के त्योहार को भी इसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं।
कुल मिलाकर जुम्मा अलविदा की नमाज जनपद में पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन की सतर्कता और लोगों के सहयोग से कहीं भी अव्यवस्था या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे पूरे जिले में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा।