रईस अल्वी, वरिष्ठ पत्रकार
STAR NEWS 24 DESK: मध्य-पूर्व में जारी सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच संघर्ष अब बड़े युद्ध की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के वरिष्ठ अधिकारी ब्रैड कूपर के मुताबिक, ईरान ने अब तक 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और करीब 2,000 ड्रोन दागे हैं। उनका दावा है कि अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने इनमें से बड़ी संख्या को हवा में ही मार गिराया।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 2,000 से अधिक रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इन हमलों में 17 ईरानी नौसैनिक जहाजों और एक पनडुब्बी को नष्ट करने का दावा किया गया है।
बताया गया कि मिसाइल लॉन्च साइट, कमांड-कंट्रोल सेंटर और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। राजधानी तेहरान के आसपास मौजूद सैन्य ढांचे पर भी हमले जारी रहने की जानकारी दी गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा खतरा
संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इन इलाकों में कोई सक्रिय ईरानी नौसैनिक जहाज नजर नहीं आ रहा है।
वहीं कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मार्ग के पास बड़ी संख्या में तेल टैंकर और कार्गो जहाज खड़े हैं। हमले के खतरे के कारण कई जहाज आगे बढ़ने से बच रहे हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ उठाए गए कदमों को देश और सहयोगी देशों से व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर सैन्य अभियान को और तेज किया जा सकता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, हाल ही में शुरू हुए ऑपरेशन में 1,700 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें नौसेना के जहाज, एंटी-शिप मिसाइल साइट्स और अन्य रणनीतिक ठिकाने शामिल हैं।
इज़रायल भी हमलों में शामिल
इज़रायली सेना ने भी ईरान के खिलाफ हमलों का नया चरण शुरू करने की घोषणा की है। एयरफोर्स ने कई लॉन्च साइट्स, रक्षा प्रणालियों और सैन्य ढांचों पर हमले किए हैं।
इज़रायल का कहना है कि जब तक ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर नहीं कर दिया जाता, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।
ईरान का पलटवार
संघर्ष के बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। उसने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़रायल के प्रमुख शहरों—जैसे तेल अवीव—को निशाना बनाया है।
सूत्रों के अनुसार, 28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि अपने नेताओं की मौत का बदला लेने तक वह पीछे नहीं हटेगा।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव को लेकर दुनिया भर के देश चिंतित हैं, क्योंकि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।