(रईस अल्वी संवाददाता संभल)
संभल में बहजोई नगर में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिया का जुलूस बड़े अकीदत और शांति के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान हर ओर “या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं और मातम करते हुए लोगों की आंखें नम हो गईं। बहजोई के टंकी मोहल्ला अल्वी नगर का ताजिया रईस अल्वी के नाम से निकाला जाता है, जबकि ईदगाह कॉलोनी का ताजिया भरे शाह के नाम से प्रसिद्ध है।
टंकी मोहल्ले का ताजिया सादात की रात को ही मिर्जापुर पहुंच जाता है और सुबह अन्य ताजियों के साथ शामिल होता है। वहीं ईदगाह कॉलोनी का ताजिया अकबरपुर होते हुए मिर्जापुर पहुंचता है, जहां राजा का मझोला ताजिया भी शामिल होता है। सभी ताजिए रामपुर मार्ग से मिर्जापुर पहुंचते हैं, जहां मेले का आयोजन भी किया जाता है।
कर्बला की घटना इंसानियत, सच्चाई और कुर्बानी की सबसे बड़ी मिसाल मानी जाती है। हजरत इमाम हुसैन ने अन्याय और जुल्म के खिलाफ अपने परिवार सहित शहादत देकर इंसानियत को एक नई सीख दी थी। देर रात ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।