RAIS ALVI STAR NEWS 24
नई दिल्ली। लोकसभा में स्पीकर को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर दूसरे दिन भी जोरदार बहस जारी रही। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल काफी गरम हो गया। बहस की शुरुआत भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने की, जिनके बयान को लेकर विपक्षी सांसदों ने कड़ा विरोध जताया।
रविशंकर प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष को संसद की गरिमा और संसदीय परंपराओं का ध्यान रखते हुए बयान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मौकों पर विपक्ष की भाषा और आचरण सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं होता। इस टिप्पणी के बाद विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और कई सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए।
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसे गंभीर अविश्वास के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्पीकर का पद निष्पक्षता और परंपरा का प्रतीक होता है, इसलिए इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां हर आवाज को सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को कई बार अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता।
सदन में जारी इस तीखी बहस और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्ताव पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।