लखनऊ, 21 जुलाई। दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बाद शिया इस्लामी विद्वान, लेखक एवं वक्ता मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी एक बार फिर चर्चा में हैं। आंदोलन के समर्थन में जारी अपने बयान में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की अपील की।
मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है और इससे जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक स्तर पर सवाल उठ रहे हों, तब लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और संस्थागत सुधार समय की आवश्यकता है। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने वाले सभी नागरिकों के अधिकार का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद और जवाबदेही दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
कौन हैं मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी?
मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का जन्म 14 दिसंबर 1997 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनका पैतृक निवास ज़ैदपुर, जनपद बाराबंकी है। उन्होंने ईरान के अल-मुस्तफ़ा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, क़ुम से उच्च इस्लामी शिक्षा प्राप्त की।
धार्मिक जगत में “आफ़्ताब-ए-मिल्लत” के नाम से प्रसिद्ध मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी एक भारतीय शिया इस्लामी विद्वान, लेखक और वक्ता हैं। वे इस्लामी शिक्षाओं, कर्बला के संदेश, धार्मिक व्याख्यानों (मजलिस), सामाजिक उत्तरदायित्व तथा समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं।
मौलाना ज़ैदी के पिता का नाम हसन आबिद ज़ैदी है। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में धार्मिक और सामाजिक विषयों पर अनेक व्याख्यान दिए हैं तथा युवाओं में शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर लगातार बल दिया है।
हाल के दिनों में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दों पर दिए गए उनके सार्वजनिक बयानों के कारण उनका नाम सोशल मीडिया और विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। CJP आंदोलन के समर्थन में दिए गए उनके वक्तव्य के बाद उनके बारे में जानने की लोगों की उत्सुकता भी बढ़ी है।
मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने अपने बयान के अंत में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती निष्पक्ष संस्थाओं, पारदर्शी प्रशासन और युवाओं के विश्वास पर निर्भर करती है। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।