नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बुधवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी के सांसद, विधायक और कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रही है।
दिल्ली में हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक जोरदार ढंग से उठाने की रणनीति बनाई है। पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया ब्लॉक की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें संसद और देशभर में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
कांग्रेस के निर्देश पर सभी राज्यों में मार्च, धरना-प्रदर्शन और गांधी प्रतिमाओं के सामने विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों का धरना भी जारी है। प्रदर्शनकारी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पारदर्शी जांच और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। मानसून सत्र में भी इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज रहने के आसार हैं।