नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को लेकर अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बड़ा अनुमान जताया है। उनका कहना है कि अगर ईरान के साथ मौजूदा सैन्य तनाव समाप्त होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति अचानक बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है और यह 40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।
फिलहाल भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर, जबकि WTI क्रूड करीब 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। बेसेंट के मुताबिक, ईरान संकट खत्म होने के बाद बाजार में ओवरसप्लाई की स्थिति बनने पर क्रूड 40 से 50 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ सकता है।
तेल की कीमतों में गिरावट का असर महंगाई पर भी पड़ सकता है। पेट्रोलियम उत्पाद सस्ते होने से परिवहन और उत्पादन लागत घट सकती है, जिससे उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव कम होने की संभावना है। इससे केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में कटौती का रास्ता भी आसान हो सकता है।
बेसेंट ने नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड द्वारा अमेरिकी ट्रेजरी में निवेश घटाने की खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि निवेश का रुख बेहतर रिटर्न की तलाश में अन्य अमेरिकी संपत्तियों की ओर हो सकता है।