नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार से शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी विवाद का सबसे प्रभावी समाधान संवाद के माध्यम से ही संभव है। अन्ना हजारे ने सरकार से आग्रह किया कि वह वांगचुक की मांगों पर बातचीत करने से पीछे न हटे और उनके धैर्य की परीक्षा लेने के बजाय सकारात्मक पहल करे।
वीडियो संदेश में हजारे ने कहा कि सरकार चाहे मांगों को स्वीकार करे या अस्वीकार, लेकिन बातचीत का रास्ता खुला रहना चाहिए। उन्होंने अपने अनशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी आंदोलन में संवाद की गुंजाइश हमेशा बनी रहनी चाहिए और टकराव के बजाय सहमति का प्रयास लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
सोनम वांगचुक नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। 21वें दिन तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों की आवाज दबाना उचित नहीं है। अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच समय रहते संवाद शुरू हो जाए तो अधिकांश विवादों का शांतिपूर्ण समाधान संभव है।