जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रदर्शन, समर्थन जुटाने में उमर अब्दुल्ला की बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रही है। पार्टी इस प्रदर्शन को बड़ा राजनीतिक अभियान बनाने की तैयारी में है, लेकिन कई क्षेत्रीय दलों के अलग-अलग रुख के कारण उसे अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पा रहा है। एनसी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं को प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता दिया है।

जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी ने इस आंदोलन से दूरी बनाते हुए कहा कि विकास के लिए केवल राज्य का दर्जा ही पर्याप्त नहीं है। वहीं, मीरवाइज उमर फारूक और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने समर्थन के लिए अनुच्छेद 370, 35ए की बहाली और संवैधानिक अधिकारों जैसे मुद्दों को भी शामिल करने की बात कही है। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने भी इस अभियान पर सवाल उठाए हैं।

दूसरी ओर, भाजपा ने इस प्रदर्शन का विरोध करने का फैसला किया है, जबकि जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन किया है। प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति अभी नहीं मिली है। उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि अनुमति नहीं मिलने पर भी पार्टी किसी अन्य स्थान से अपनी आवाज बुलंद करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अपने ही क्षेत्र के कई दलों का पूरा समर्थन न मिलने से नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाना चुनौती बन गया है। अब सबकी नजर 20 जुलाई के प्रदर्शन और उसमें जुटने वाले राजनीतिक समर्थन पर टिकी है।

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