तेहरान/वॉशिंगटन/बगदाद। मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान द्वारा रणनीतिक रूप से बेहद अहम हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण कड़ा करने और इस मार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की खबरों से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई है।
सूत्रों के अनुसार, इराक के बसरा (Basra) बंदरगाह के पास दो तेल टैंकरों पर हुए हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि विस्फोट के बाद दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई। इस घटना में एक क्रू सदस्य की मौत हो गई, जबकि लगभग 38 लोगों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इराकी बंदरगाह अधिकारियों का कहना है कि हमले के बाद तेल बंदरगाहों पर कामकाज प्रभावित हुआ है, हालांकि व्यावसायिक गतिविधियां सीमित स्तर पर जारी हैं। बताया जा रहा है कि तेल उत्पादों से लदा एक टैंकर लोडिंग प्रक्रिया के दौरान ही हमले का शिकार हो गया। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हमले में शामिल एक छोटे जहाज पर माल्टा का झंडा लगा हुआ था।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केंटकी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि अमेरिका इस संघर्ष में बढ़त की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अपने मिशन को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता।
दूसरी ओर ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह लंबे समय तक संघर्ष के लिए तैयार है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर लड़ाई महीनों तक जारी रह सकती है। इस घटनाक्रम ने इराक से लेकर बहरीन और खाड़ी क्षेत्र के अन्य तेल ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, गैस कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक रूप से पड़ सकता है। फिलहाल क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हैं और विश्व समुदाय की नजरें हालात पर टिकी हुई हैं।