मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक नई प्रश्नपत्र निर्माण व्यवस्था पर काम कर रही है, जिसके तहत भविष्य में पेपर लीक की संभावना को न्यूनतम करने का लक्ष्य रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, नए मॉडल में प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय बनाया जाएगा। विषय विशेषज्ञों को यह जानकारी नहीं होगी कि उनके द्वारा तैयार किए गए प्रश्न किस परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे। वे केवल प्रश्न तैयार करेंगे और उन्हें एक केंद्रीय प्रश्न बैंक में शामिल कर दिया जाएगा।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत विभिन्न विषयों के हजारों प्रश्नों का विशाल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। परीक्षा के समय इसी प्रश्न बैंक से तकनीकी और यादृच्छिक (रैंडम) प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम प्रश्नपत्र तैयार होगा। इससे किसी एक व्यक्ति या समूह के पास प्रश्नपत्र से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं होगी और गोपनीयता बनी रहेगी।
यह पहल हाल ही में सामने आए NEET पेपर लीक मामले के बाद की जा रही है, जिसने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार की आवश्यकता महसूस की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था में मानवीय हस्तक्षेप कम करने और तकनीकी निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। भविष्य में 10,000 या उससे अधिक प्रश्नों का बड़ा प्रश्न बैंक तैयार किया जा सकता है, जिससे अंतिम प्रश्नपत्र की जानकारी पहले से प्राप्त करना लगभग असंभव हो जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो NEET सहित देश की अन्य प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।