(रईस अल्वी वरिष्ठ पत्रकार , संभल)। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब बिजनौर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संभल में 1 साल 11 महीने 10 दिन का कार्यकाल पूरा किया। उनके स्थान पर विकास चंद्र त्रिपाठी को संभल का नया एसपी बनाया गया है। विकास चंद्र त्रिपाठी वर्तमान में बाराबंकी में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर तैनात थे। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के रहने वाले हैं।

10 सितंबर 2024 को संभाली थी संभल की कमान
कृष्ण कुमार बिश्नोई ने 10 सितंबर 2024 को संभल के एसपी का पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती 19 और 24 नवंबर 2024 को विवादित श्रीहरिहर मंदिर-शाही जामा मस्जिद परिसर के सर्वे के दौरान बनी स्थिति रही। 24 नवंबर को भड़की हिंसा को उन्होंने करीब पांच घंटे में नियंत्रित किया था। इस दौरान उन्होंने जामा मस्जिद के पीछे पानी की टंकी रोड पर जमा भीड़ को लाउडस्पीकर से संबोधित कर शांति बनाए रखने की अपील की थी।

दो नए थाने और 38 पुलिस चौकियां बनवाईं
7 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभल दौरे के दौरान रायसत्ती और बबराला में दो नए थानों की स्थापना की गई। इसके अलावा जिले में 38 नई पुलिस चौकियां और आउटपोस्ट भी बनाए गए। इनमें विवादित धार्मिक स्थल के सामने और सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मोहल्ले दीपा सराय चौक में बनी पुलिस चौकियां भी शामिल हैं।
बिश्नोई के कार्यकाल में दुबई में छिपे संभल हिंसा के कथित मास्टरमाइंड और फरार गैंगस्टर शारिक साठा के खिलाफ लुकआउट और रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया।

जावेद हबीब के खिलाफ 32 से ज्यादा केस दर्ज
कृष्ण कुमार बिश्नोई के कार्यकाल में हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब के खिलाफ 32 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं। उसके खिलाफ लुकआउट और रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया।
पुलिस ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के कथित फर्जी विवाह मामले का भी खुलासा किया। इसमें बैंक मैनेजर, ग्राम प्रधान-सचिव, बीमा एजेंट और आशा कार्यकर्ता समेत 50 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया। इसके अलावा लड़कियों की तस्करी में शामिल बताए जा रहे ‘कछुआ गैंग’ के सदस्यों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

मेरठ से शुरू हुआ पुलिसिंग का सफर
कृष्ण कुमार बिश्नोई की पहली पोस्टिंग 2019 में मेरठ में हुई। उन्हें परतापुर थाने का प्रभारी बनाया गया। यहां उन्होंने अपराधियों की कुंडली खंगालने और उनके खिलाफ कार्रवाई पर फोकस किया। इसी दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया बदन सिंह बद्दो का मामला भी सामने आया। बद्दो मेरठ पुलिस की कस्टडी से फरार हुआ था और उस पर पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने उसकी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की।

इसके बाद वह मुजफ्फरनगर में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) रहे। यहां उन्होंने कुख्यात अपराधी सुशील मूंछ को जेल भेजने की कार्रवाई में भूमिका निभाई। संजीव जीवा और विक्की त्यागी समेत अन्य कुख्यात आरोपियों की संपत्तियों को भी चिन्हित किया गया।
गोरखपुर में माफिया पर कार्रवाई और त्रिनेत्र ऑपरेशन

2022 में कृष्ण कुमार बिश्नोई की तैनाती गोरखपुर में एसपी सिटी के रूप में हुई। यहां उन्होंने एक लाख रुपए के इनामी अपराधी विनोद उपाध्याय की संपत्ति पर कार्रवाई कराई। इसके अलावा माफिया और गैंगस्टर जवाहर यादव की करीब 416 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई। माफिया कमलेश बीनानाथ की करीब 195 करोड़ रुपए की संपत्ति को अवैध घोषित किया गया। उनके कार्यकाल में कुख्यात अपराधियों की करीब 803 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त किए जाने का दावा किया गया।
गोरखपुर में ही ‘त्रिनेत्र ऑपरेशन’ की शुरुआत की गई, जिसे बाद में पूरे प्रदेश में सराहा गया। इसके बाद 10 सितंबर 2024 को उन्हें संभल का एसपी बनाया गया। अब 20 अगस्त को हुए तबादले के बाद वह बिजनौर के नए पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे।
30 लाख की नौकरी छोड़कर बने IPS
कृष्ण कुमार बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़ी करीब 30 लाख रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की और आईपीएस बने।
उनका जन्म 1 जनवरी 1994 को राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना क्षेत्र के एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता सुजानाराम बिश्नोई किसान और व्यापारी हैं, जबकि मां गंगा देवी गृहिणी हैं। छह भाई-बहनों में कृष्ण कुमार सबसे छोटे हैं।
गांव के स्कूल से जिला टॉपर तक
कृष्ण कुमार की शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल में हुई। आठवीं कक्षा में वह जिले में टॉपर रहे। इसके बाद पिता ने उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए सीकर के प्रिंस स्कूल भेजा। उन्होंने 2008 में प्रथम श्रेणी से हाईस्कूल और 2010 में केंद्रीय विद्यालय-1, वायुसेना स्टेशन जोधपुर से 12वीं की परीक्षा पास की।
इसके बाद दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से 2013 में बीए किया। विदेश में पढ़ाई की इच्छा के चलते उन्होंने फ्रांस की स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया और उनका चयन हो गया। फ्रांस सरकार से उन्हें करीब 40 लाख रुपए की स्कॉलरशिप मिली। उन्होंने पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से 2015 में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में मास्टर डिग्री हासिल की। इसके बाद फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी से भी पढ़ाई की और अमेरिका में करीब छह महीने रिसर्च की।
UN की नौकरी छोड़ी, JNU में की रिसर्च
पढ़ाई के बाद उनका चयन संयुक्त राष्ट्र के ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट ग्रुप में सलाहकार के तौर पर हुआ। उन्हें करीब 30 लाख रुपए सालाना का पैकेज मिला। करीब एक साल काम करने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर आगे पढ़ाई करने का फैसला लिया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में दाखिला लिया।
JNU में रिसर्च के लिए उनकी देशभर में पहली रैंक आई। यहां उन्होंने चीन से संबंधित विषय पर एमफिल किया। इसके बाद 23 साल की उम्र में विदेश मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी स्तर पर काम किया। विदेश सेवा संस्थान में उन्होंने आठ देशों से संबंधित विशेषज्ञ के तौर पर प्रशिक्षण भी दिया।
बिना कोचिंग दूसरी कोशिश में UPSC क्रैक
विदेश मंत्रालय में काम करने के दौरान उन्होंने आईपीएस बनने का फैसला किया। उन्होंने UPSC की तैयारी खुद से करने और कोचिंग नहीं लेने का निर्णय लिया। पहली बार बिना तैयारी के परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हुए। दूसरी कोशिश में UPSC परीक्षा पास कर 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। करीब 24 साल की उम्र में उन्होंने आईपीएस की जिम्मेदारी संभाली।
कृष्ण कुमार बिश्नोई के बिजनौर स्थानांतरण के बाद अब संभल जिले में नए पुलिस अधीक्षक के रूप में विकास चंद्र त्रिपाठी के सामने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और पुलिसिंग को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।