STAR NEWS 24 – RAHIS ALVI
होली के बाद मनाया जाने वाला पावन पर्व Bhai Dooj आज श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहनों की रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।
साल में दो बार आता है भाई दूज
हिंदू परंपरा के अनुसार भाई दूज का त्योहार वर्ष में दो बार मनाया जाता है। एक बार दीपावली के बाद कार्तिक मास की द्वितीया को और दूसरी बार होली के बाद चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया को। होली के बाद मनाए जाने वाले इस पर्व को होली भाई दूज या भ्राता द्वितीया भी कहा जाता है।
तिलक का शुभ समय
पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि 4 मार्च को शाम 4:48 बजे शुरू हुई थी और यह आज शाम 5:03 बजे तक रहेगी। इसलिए बहनें सुबह से लेकर शाम 5:03 बजे तक किसी भी शुभ समय में अपने भाइयों को तिलक कर सकती हैं। इस अवधि में किया गया पूजन विशेष रूप से मंगलकारी माना जाता है।
इस तरह किया जाता है पूजन
इस दिन बहनें पूजा की थाली सजाती हैं जिसमें दीपक, रोली या चंदन, केसर, गंगाजल और मिठाई रखी जाती है। पूजा के दौरान भाई को चौकी पर बैठाकर बहन उसके माथे पर तिलक लगाती है, आरती उतारती है और उसकी खुशहाली की कामना करती है। इसके बाद भाई-बहन एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर पर्व की खुशियां साझा करते हैं।
इस प्रकार होली के बाद मनाया जाने वाला यह पर्व परिवार में प्रेम, विश्वास और आपसी स्नेह को और मजबूत बनाने का संदेश देता है।