लखनऊ | STAR NEWS 24 | RAIS ALVI
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया जा रहा है।
सरकार की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अब तक दिए गए कुल ऋण में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवाओं की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है। जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल लाभार्थियों में लगभग 49.8 प्रतिशत ओबीसी वर्ग से हैं। वहीं अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की हिस्सेदारी करीब 14.5 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की 0.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस तरह योजना के तहत कारोबार शुरू करने वाले करीब दो-तिहाई युवा ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग से जुड़े हैं।
7 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार इस योजना के माध्यम से 1.23 लाख से अधिक युवाओं को करीब 14,775 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। इससे प्रदेश के हजारों युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
ओबीसी वर्ग के लाभार्थियों की बात करें तो अब तक 61 हजार से अधिक युवाओं को 7,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण दिया गया है। वहीं एससी वर्ग के करीब 17 से 18 हजार युवाओं को लगभग 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
योजना का लाभ अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के युवाओं को भी मिला है। कुल ऋण वितरण में 0.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के तहत 350 से अधिक लाभार्थियों को लगभग 40 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी 33.3 प्रतिशत और अल्पसंख्यक वर्ग की लगभग 2.1 प्रतिशत दर्ज की गई है।
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिली है। कुल स्वीकृत परियोजनाओं में 62.4 प्रतिशत परियोजनाएं सेवा क्षेत्र से जुड़ी हैं, जबकि 37.6 प्रतिशत परियोजनाएं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से संबंधित हैं।
योजना के नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार लैंगिक आधार पर देखें तो 71.7 प्रतिशत लाभार्थी पुरुष हैं, जबकि 28.3 प्रतिशत महिलाएं भी इस योजना के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू कर रही हैं।
एक नजर में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना
- 3.66 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त
- 3.12 लाख आवेदन बैंकों को भेजे गए
- 1.27 लाख आवेदनों को बैंकों से मंजूरी
- 1.23 लाख लाभार्थियों को ऋण वितरित
- 14,775.23 करोड़ रुपये का कुल ऋण वितरण
यह योजना प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।