पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई सागरदिघी थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार, परिवार मूल रूप से बांग्लादेश के चपाईनवाबगंज जिले का निवासी है और लंबे समय से भारत में रह रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार का मुखिया करीब 13 वर्ष पहले कथित रूप से अवैध तरीके से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर पश्चिम बंगाल पहुंचा था। इसके बाद उसने सागरदिघी क्षेत्र में निवास करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर आईडी कार्ड और आधार कार्ड हासिल कर लिए थे। इतना ही नहीं, उसने इलाके में जमीन खरीदकर मकान भी बना लिया था और परिवार के साथ वहीं रह रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय लोगों या फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की भी भूमिका हो सकती है।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी पांच लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि परिवार इतने लंबे समय तक प्रशासनिक निगरानी से कैसे बचा रहा और उन्हें सरकारी पहचान दस्तावेज कैसे जारी किए गए।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है। जांच के दौरान अवैध घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।