एलपीजी गैस संकट के बीच राहत की खबर: अमेरिका से आया कार्गो शिप मंगलुरु पहुंचा
star news 24 मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका के टेक्सास से रवाना एलपीजी कार्गो शिप “पाइक्विसस पायनियर” New Mangalore Port पहुंच चुका है। इससे देश में चल रही एलपीजी गैस की किल्लत से जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मिडिल ईस्ट में Iran, United States और Israel के बीच बढ़े तनाव के कारण कई देशों में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति का असर भारत पर भी पड़ा है। इसी को देखते हुए भारत ने Strait of Hormuz पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से एलपीजी की अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब चौथे चरण में पहुंच चुका है। फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हालात और बिगड़ गए। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के शहर Arad और Dimona पर मिसाइल हमले किए, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए। इस संघर्ष का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके कई पावर प्लांट्स को निशाना बना सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले से कमजोर हो चुकी है।
ईरान ने रखीं शांति की शर्तें
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए बिना विदेशी हस्तक्षेप के क्षेत्रीय देशों के साथ सुरक्षा ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने युद्ध रोकने के लिए अमेरिका और इजरायल से हमले बंद करने और भविष्य में ऐसे हमले न करने की गारंटी की मांग की है।
भारत के लिए राहत का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है और यहां अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में अमेरिका से आई एलपीजी की यह खेप भारत के लिए अल्पकालिक राहत साबित हो सकती है। हालांकि, दीर्घकालिक समाधान के लिए मिडिल ईस्ट में स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी माना जा रहा है।