इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में बस्ती पुलिस की गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह को अदालत में चार घंटे तक खड़ा रखा। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस अधिकारी के पास पूरे जिले की जिम्मेदारी होती है, उसे अपने अधीनस्थ इंस्पेक्टर और सिपाहियों द्वारा दी गई जानकारी के प्रति पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए।
मामले की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि बस्ती पुलिस ने कोर्ट में गलत तथ्यों के साथ शपथ-पत्र दाखिल किया था और समय पर रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई। इतना ही नहीं, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में वे साक्ष्य भी नहीं मिले, जिनका जिक्र पुलिस ने अपनी जांच में किया था। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।
सख्त रुख अपनाते हुए अदालत ने एसपी यशवीर सिंह को कोर्ट के उठने तक न्यायालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। हालांकि, एसपी द्वारा माफी मांगने के बाद कोर्ट ने नरमी दिखाते हुए उनके खिलाफ कोई दंडात्मक आदेश पारित नहीं किया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश इसलिए दिया गया है ताकि भविष्य में हाईकोर्ट या किसी भी न्यायालय के समक्ष शपथ-पत्र दाखिल करते समय अधिक सावधानी बरती जाए और तथ्यों की सही जांच सुनिश्चित हो सके।