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रिपोर्ट: रईस अल्वी, वरिष्ठ संवाददाता
STAR NEWS 24 – DESK
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 82.37 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। वहीं WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) 75.33 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ गया। आंकड़ों के मुताबिक ब्रेंट में करीब 7% और WTI में लगभग 6.95% की तेजी दर्ज की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट
तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरने वाला Strait of Hormuz क्षेत्र इस तनाव का केंद्र बना हुआ है। टैंकरों पर हमलों और नेविगेशन बाधित होने से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। शिपिंग डेटा के अनुसार 200 से अधिक टैंकर आसपास के समुद्री क्षेत्र में लंगर डाले खड़े हैं।
$100 पार करेगा तेल?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। OPEC और सहयोगी देशों (OPEC+) ने अप्रैल में उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन कई उत्पादक पहले ही अपनी अधिकतम क्षमता पर हैं।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) जारी करने का विकल्प खुला है।
भारत पर कितना असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर स्थायी रूप से नहीं जाता, तब तक भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। भारत के पास पर्याप्त भंडार है और रूस जैसे वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध हैं। हालांकि, यदि कीमतें 100 डॉलर पार करती हैं तो ईंधन के दाम में 3 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी संभव है।
कुल मिलाकर, वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता जारी है और आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा मिडिल ईस्ट की भू-राजनीतिक स्थिति पर निर्भर करेगी।
— STAR NEWS 24 | खबरों का साथी