स्टार न्यूज़ 24, रईस अल्वी वरिष्ठ संवाददाता
सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी की रास तनुरा रिफाइनरी पर सोमवार को ड्रोन हमला होने की खबर है। कंपनी ने अस्थायी तौर पर परिचालन रोकने की बात कही है। यह रिफाइनरी सऊदी के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में गिनी जाती है, इसलिए घटना का असर क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएँ गहराई हैं।
इस बीच पाकिस्तान की भूमिका को लेकर भी चर्चाएँ तेज हैं। बीते वर्ष पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रणनीतिक रक्षा समझौते की घोषणा हुई थी, जिसे विश्लेषक “राजनीतिक एकजुटता” का संकेत मानते हैं, न कि स्वतः सैन्य हस्तक्षेप की बाध्यता। मौजूदा संकट पर इस्लामाबाद ने संयमित प्रतिक्रिया दी है और किसी सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के लिए स्थिति जटिल है। एक ओर उसके सऊदी अरब से घनिष्ठ संबंध हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान के साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सीमा से जुड़े रिश्ते भी अहम हैं। दोनों देशों के बीच लंबी और संवेदनशील सीमा है, जिसे देखते हुए किसी भी टकराव से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है।
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम की अपील का समर्थन किया है। विश्लेषकों के अनुसार, इस समय इस्लामाबाद संतुलित कूटनीतिक रणनीति अपनाते हुए सीधे टकराव से दूरी बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।