STAR NEWS 24 – डेस्क
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और गहरा होता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से संकेत दिया गया है कि ईरान पर आज रात अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला किया जा सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और पूरी दुनिया की नजर इस संघर्ष पर टिक गई है।
बड़े सैन्य अभियान की तैयारी
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और तेज किया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में ईरान के मिसाइल लॉन्चर और हथियार निर्माण से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर बमबारी की जा सकती है।
बेसेंट के मुताबिक अमेरिकी रक्षा विभाग और सैन्य नेतृत्व पहले ही इस अभियान को लेकर संकेत दे चुके हैं। अमेरिका का दावा है कि हाल की कार्रवाई में ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचा है और उसकी मिसाइल ताकत को कमजोर किया जा रहा है।
ऊर्जा बाजार को लेकर भी बड़ा फैसला
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। इसी बीच अमेरिका ने भारत को समुद्र में फंसे रूस के कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में अचानक उछाल न आए।
संघर्ष में बढ़ रहा नुकसान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी हमलों में अब तक 1300 से ज्यादा ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है। कई अस्पतालों और मेडिकल केंद्रों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुए हैं।
ईरान के कई शहरों में बिजली और पानी की सप्लाई भी बाधित हो गई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
दोनों पक्षों को हुआ नुकसान
अमेरिका का दावा है कि उसके हमलों में ईरान के लगभग 300 मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए गए हैं। हालांकि इस संघर्ष में अमेरिका को भी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना के 6 सैनिकों की मौत हुई है और करीब 20 सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस टकराव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है और कई देश इस संकट को कूटनीतिक बातचीत के जरिए खत्म करने की अपील कर रहे हैं।