नई दिल्ली। कुत्ते, बंदर या अन्य रेबीज संक्रमित जानवरों के काटने के बाद गंभीर मामलों में लगाए जाने वाले एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (ARIG) इंजेक्शन की कीमत बढ़ा दी गई है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 300 IU/ml (1 एमएल) एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन की अधिकतम खुदरा कीमत 112.19 रुपये से बढ़ाकर 119.48 रुपये कर दी है। यानी इस जीवनरक्षक दवा की कीमत में 7.29 रुपये की वृद्धि हुई है। नई निर्धारित कीमत से अधिक राशि किसी भी कंपनी या विक्रेता द्वारा नहीं ली जा सकेगी, हालांकि लागू जीएसटी अलग से जोड़ा जा सकता है।
एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन गंभीर सर्पदंश नहीं, बल्कि रेबीज के खतरे वाले जानवरों के काटने के बाद तुरंत सुरक्षा देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह शरीर को तत्काल एंटीबॉडी उपलब्ध कराता है, जबकि रेबीज वैक्सीन धीरे-धीरे प्रतिरक्षा विकसित करती है। NPPA ने दवा कंपनियों को नई एमआरपी लागू करने, संशोधित मूल्य सूची जारी करने और मेडिकल स्टोरों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तय कीमत से अधिक वसूली करने पर कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है। प्राधिकरण के अनुसार यह संशोधन राष्ट्रीय आवश्यक दवा सूची (NLEM-2022), ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO)-2013 और वर्ष 2026 के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर किया गया है, ताकि आवश्यक दवाओं की कीमतें नियमन के दायरे में बनी रहें।