STAR NEWS 24 – राष्ट्रीय डेस्क
दिल्ली में महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार, 7 मार्च को खुद डीटीसी बस में सफर कर व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बस में चल रही सहेली पिंक NCMC कार्ड प्रणाली को करीब से समझा और देखा कि यह सुविधा जमीनी स्तर पर कैसे काम कर रही है।
बस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला यात्रियों और बस कंडक्टर से बातचीत भी की। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि कार्ड के जरिए यात्रा करना कितना आसान है और क्या उन्हें किसी प्रकार की परेशानी हो रही है। इस मौके पर कई महिलाओं ने इस नई व्यवस्था को सुविधाजनक बताया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
डिजिटल तकनीक से आसान सफर
दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से पारंपरिक गुलाबी टिकट की जगह डिजिटल सहेली पिंक NCMC कार्ड लागू किया है। इस कार्ड को बस में चढ़ते ही मशीन पर टैप करना होता है, जिससे यात्रा तुरंत दर्ज हो जाती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह व्यवस्था तेज, सरल और पारदर्शी है, जिससे दिल्ली की माताओं, बहनों और बेटियों का सफर अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।
महिलाओं से योजना का लाभ लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी बस यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए दिल्ली की सभी महिलाओं से अपील की कि वे सहेली पिंक NCMC कार्ड बनवाकर इस योजना का लाभ उठाएं। यह कार्ड राजधानी के विभिन्न केंद्रों पर मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्ड बनवाने के लिए महिलाओं को केवल आधार नंबर और मोबाइल नंबर देना होगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया शुभारंभ
इस योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित “सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली” कार्यक्रम के दौरान किया था। इस पहल के तहत अब गुलाबी टिकटों की जगह डिजिटल कार्ड से महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
पहले दिन हजारों कार्ड जारी
योजना के पहले ही दिन दिल्ली में 3,600 से अधिक महिलाओं को सहेली पिंक NCMC कार्ड जारी किए गए। यह कार्ड उन महिलाओं को दिया जा रहा है जिनके आधार कार्ड पर दिल्ली का पता दर्ज है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षित यात्रा और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है।