उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या और गोंडा के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, लेकिन जारी प्रोटोकॉल में एक बदलाव ने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम इस बार कार्यक्रम की सूची में शामिल नहीं है और उनकी जगह ट्रस्ट के एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है।
चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं। आमतौर पर राम मंदिर से संबंधित कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उनका नाम प्रोटोकॉल से गायब होना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, प्रशासन और ट्रस्ट की ओर से इस बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
हाल के दिनों में चंपत राय के नाम से जुड़ी कुछ शिकायतों और एसआईटी की पूछताछ की खबरें भी सामने आई थीं। इसी वजह से प्रोटोकॉल में हुए बदलाव को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों मामलों का आपस में कोई संबंध है या नहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा करीब साढ़े सात घंटे का होगा। वे सुबह अयोध्या के रुदौली क्षेत्र स्थित मां कामाख्या धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। दोपहर में गोंडा जाकर लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेंगे। शाम को अयोध्या लौटकर हनुमानगढ़ी, रामलला के दर्शन तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद लखनऊ के लिए रवाना होंगे।