(रईस अल्वी संवाददाता संभल)
संभल। जनपद संभल में एक विधवा आंगनबाड़ी सहायिका को पिछले नौ माह से मानदेय न मिलने का मामला जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गया। मानदेय के लिए लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काट रही सहायिका मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची और अपनी पीड़ा बताते हुए फूट-फूट कर रोने लगी। महिला की हालत देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे पानी पिलाया और उसकी समस्या सुनी।
पीड़ित सहायिका का आरोप है कि वह बनियाखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र में कार्यरत है और पिछले नौ महीनों से उसे मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उसने बताया कि वह विधवा है और आंगनबाड़ी के कार्य से मिलने वाले मानदेय के सहारे ही अपना जीवन यापन करती है। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
महिला ने आरोप लगाया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) आईसीडीएस ने उसे बुलाकर डांट-फटकार लगाई और मानदेय न मिलने की बात कहकर टाल दिया। इसके बाद वह दोबारा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई।
मामले की जानकारी मिलते ही डिप्टी कलेक्टर आशुतोष तिवारी मौके पर पहुंचे और महिला से पूरी जानकारी ली। जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस को भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
अब देखना होगा कि नौ माह से अपने हक के लिए संघर्ष कर रही इस विधवा आंगनबाड़ी सहायिका को आखिर कब तक उसका मानदेय मिल पाता है।