(रईस अल्वी संवाददाता संभल)
संभल। वर्ष 1978 में संभल में हुए सांप्रदायिक दंगों में मारे गए रामशरण रस्तोगी के परिवार को अब पुनर्वास के तहत 100 वर्ग मीटर भूमि का आवासीय पट्टा मिलने जा रहा है। इस घोषणा पर मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए इसे 48 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद मिला न्याय बताया है।
बताया गया कि 29 मार्च 1978 को संभल में हुए दंगों के दौरान रामशरण रस्तोगी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। परिजनों के अनुसार दंगाइयों ने उनकी दुकान में लूटपाट की और विरोध करने पर उन पर चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी। बाद में शव को क्षत-विक्षत कर कुएं में फेंक दिया गया था। घटना के बाद परिवार को लगातार धमकियां मिलने लगीं, जिसके चलते उन्हें पलायन करना पड़ा।
पिछले वर्ष रामशरण रस्तोगी के पौत्र कपिल रस्तोगी अपनी माता के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे और पुनर्वास की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अब प्रशासन द्वारा ग्राम शेरखां सराय बाहर चुंगी में मृतक की पुत्रवधू रुक्मन रस्तोगी के नाम 100 वर्ग मीटर भूमि का आवासीय पट्टा आवंटित किया जा रहा है।
भूमि का प्रमाण पत्र प्रदेश सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल तथा पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की उपस्थिति में सौंपा जाएगा। साथ ही भूमि पर कब्जा हस्तांतरण कर आवास निर्माण के लिए नींव की पहली ईंट भी रखी जाएगी।
रुक्मन रस्तोगी ने कहा कि वर्षों तक परिवार ने कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन अब पट्टा मिलने से उन्हें नई उम्मीद मिली है। वहीं कपिल रस्तोगी ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन की पहल बताते हुए कहा कि इतने वर्षों बाद परिवार को न्याय मिलने का एहसास हो रहा है।