संभल ​बुर्के में कांवड़ लाकर चर्चा में आईं सम्भल की तमन्ना मलिक का सपोर्ट के नाम पर डाला QR कोड, यूज़र्स बोले– यह तो डिजिटल भीख है!

उत्तर प्रदेश के सम्भल में बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करने के कारण सुर्खियों में आईं तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार मामला भक्ति या प्रशासन के नोटिस का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से पैसे (फ़ंड) मांगने का है।
​अमन त्यागी के फेसबुक पेज से जारी एक बारकोड/QR कोड पोस्ट पर इंटरनेट पर ज़बरदस्त बवाल मच गया है, जहाँ लोग इसे ‘डिजिटल भिक्षाटन’ बताकर बुरी तरह ट्रोल कर रहे हैं।

​कौन हैं तमन्ना मलिक और क्यों हैं चर्चा में?

​तमन्ना मलिक ने हिंदू युवक अमन त्यागी से शादी की है। विवाह के बाद मन्नत पूरी होने पर उन्होंने हरिद्वार से सम्भल तक बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा की और जलाभिषेक किया था। इस घटना ने काफी विवाद और मीडिया का ध्यान आकर्षित किया था। ​हाल ही में सावन के महीने में दोबारा बुर्के में कांवड़ लाने के ऐलान के बाद, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सम्भल के एसडीएम कोर्ट ने दंपति को नोटिस जारी कर 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके से पाबंद किया था।

​नया विवाद: “Tamanna Malik support India” का QR कोड

​इस पूरे प्रशासनिक और सामाजिक घटनाक्रम के बीच, अमन त्यागी के फेसबुक पेज अमन त्यागी 38 पर एक पोस्ट शेयर की गई। इस पोस्ट पर PhonePe का एक QR स्कैनर शेयर किया गया, जिस पर लिखा है:
तमन्ना मलिक सपोर्ट इंडिया अक्सपेटेड हेयर
फेसबुक पोस्ट में तमन्ना के नाम पर समर्थन और आर्थिक मदद जुटाने की कोशिश की गई है। ​पोस्ट के आते ही फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूज़र्स का गुस्सा फूट पड़ा। कमेंट सेक्शन में लोगों ने तीखे तंज कसते हुए इसे आस्था के नाम पर पैसे कमाने का धंधा करार दे दिया। पोस्ट के सार्वजनिक होते ही यूज़र्स ने कमेंट सेक्शन में तीखी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। ज़्यादातर लोगों का मानना है कि यह मदद मांगने का सही तरीका नहीं है, बल्कि ऑनलाइन आर्थिक फ़ायदे के लिए किया गया एक ‘स्टंट’ है। यूज़र्स ने कमेंट करते हुए लिखा यह है डिजिटल भिखारी, जबकि एक अन्य यूज़र ने चुटकी लेते हुए कहा, नया भिखारी आ गया है बाज़ार में, ध्यान से रहना भाइयों। कई कमेंट्स में यह कहा गया कि यह सब पैसे कमाने के लिए रचा गया ड्रामा है। एक यूज़र ने लिखा आ गए, इसीलिए तो यह ड्रामा शुरू किया था। वहीं दूसरे ने तंज कसा, बेचारी अब आ गई अपनी असलियत पर। सोशल मीडिया यूज़र्स का मानना है कि आस्था या किसी व्यक्तिगत कारण के आड़ में इस तरह बिना किसी स्पष्टता के बारकोड लगाकर पैसे मांगना गलत संदेश देता है। यही वजह है कि समर्थन पाने की जगह इस पोस्ट को भारी विरोध और नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है।

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