संभल। बहजोई विकास खंड के गांव परतापुर में पहले से निर्मित सड़क का दोबारा टेंडर निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि क्षेत्र पंचायत निधि से करीब 10 लाख रुपये की लागत वाली सड़क के निर्माण का टेंडर जारी किया गया, जबकि संबंधित सड़क पहले ही बनाई जा चुकी है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता के बजाय पुरानी सड़क को ही नए निर्माण के रूप में दर्शाकर भुगतान अथवा धन के हेरफेर की कोशिश की जा रही है। क्षेत्र पंचायत फंड से जारी किए गए टेंडर को लेकर सवाल उठने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का भौतिक सत्यापन कराया जाए और टेंडर से जुड़े अभिलेखों की जांच की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि सड़क का निर्माण कब कराया गया था और उसके बाद उसी सड़क के नाम पर दोबारा टेंडर क्यों जारी किया गया।
मामले में अधिकारियों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।