चन्दौसी थाना क्षेत्र में युवक को गोली मारने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना किसी विवाद का परिणाम नहीं बल्कि एक युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश के तहत रची गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार 9 अगस्त को 23 वर्षीय युवती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि 5-6 अज्ञात लोगों ने उसके भाई अक्षय को रोककर तमंचा दिखाया और छीना-झपटी के दौरान उसके पैर के घुटने के पास गोली लग गई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक नितिन गौतम कर रहे थे।
सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस को घटना की साजिश का पता चला। पूछताछ में सामने आया कि अक्षय गुप्ता ने बहजोई निवासी भुवनेश को कथित तौर पर एक लाख 60 हजार रुपये के विवाद में झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए खुद को गोली लगवाने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार इसके लिए दो लोगों को 10 हजार रुपये दिए गए और तमंचा व कारतूस उपलब्ध कराए गए।
पुलिस ने रोहन गुप्ता, जतिन और अक्षय गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।