अरविंद केजरीवाल ने कथित आबकारी घोटाले से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जज से खुद को अलग करने की मांग कर सियासी और कानूनी हलचल बढ़ा दी है। केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष रिक्यूजल की अपील करते हुए 10 ठोस कारण भी पेश किए।
सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन कुछ परिस्थितियों के चलते निष्पक्ष सुनवाई को लेकर उनके मन में संदेह है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में आरोपियों को पूरा अवसर दिए बिना कुछ आदेश पारित किए गए और जांच एजेंसियों को प्राथमिकता दी गई।
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि बेल सुनवाई के दौरान की गई कुछ टिप्पणियां पहले से दोषी ठहराने जैसी थीं। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि अदालत कानून के अनुसार ही काम करेगी। इस मामले ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया और निष्पक्षता को लेकर बहस तेज कर दी है।