: जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका में आज सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 26 मई नियत की।
जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका पर आज 22 अप्रैल को जिला न्यायलय में सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में सुनवाई हुई लेकिन सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के कारण न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 26 मई 2026 नियत की है।आपको बता दे कि संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने की आठ याचियों की ओर से दावा करने वाली एक याचिका सिविल जज सीनियर डिवीज़न के यहाँ 19 नवंबर 2024 को दाखिल की गई थी जिस पर आज सुनवाई होनी थी।
इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में पिछली सुनवाई 24 मार्च को हुई थी आज हुई सुनवाई में न्यायलय ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 26 मई तय की है।इस विषय में जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि 26 मई की डेट आज लगाई है चूंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश है जो न्यायालय का आदेश है जो न्यायालय का सर्वे का आदेश था उसके अगेंस्ट मस्जिद पक्ष हाई कोर्ट गया था हाईकोर्ट ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश को सही ठहराया और उनकी रिट को निरस्त कर दिया हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया सुप्रीम कोर्ट ने उसमें स्टे जारी कर दिया उसमें सुप्रीम कोर्ट में एक बार सुनवाई हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसमें कोई निर्णय नहीं दिया है जिससे उनका स्टे ऑर्डर स्टैंड कर रहा है जिसके चलते सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल ने इसमें 26 मई 2026 दी है।
वही मुस्लिम पक्ष के द्वारा डब्लूएस दाखिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तक उनके द्वारा डब्लूएस दाखिल नहीं किया गया है।
वही इस मामले में शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे चल रहा है इसलिए न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 26 में 2026 नियत की है।