मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच युद्धविराम को लेकर चल रही अहम वार्ता में नई अड़चनें सामने आ गई हैं। दो हफ्तों के सीजफायर के बाद बातचीत जारी है, लेकिन कई जटिल मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बन पाई है। शुरुआती संकेत सकारात्मक बताए जा रहे हैं, हालांकि ईरान ने अमेरिका पर भरोसे को लेकर संदेह जताया है और किसी भी समझौते के लिए ठोस गारंटी की मांग की है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। यह मुद्दा दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव का मुख्य कारण बना हुआ है।
बातचीत के दौरान ईरान ने अपनी फ्रीज की गई विदेशी संपत्तियों की रिहाई और लेबनान में हमलों को रोकने जैसी शर्तें रखी हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने इन मांगों पर सख्त रुख अपनाते हुए फिलहाल संपत्तियों को रिलीज करने से इनकार कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में भले ही समझौते की संभावना जताई जा रही हो, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वार्ता का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।