(रईस अल्वी संवाददाता संभल)
सम्भल जनपद के बहजोई नगर को भले ही स्मार्ट सिटी के रूप में घोषित कर दिया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी नगर की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर रही है। नगर में एक ओर जहां स्मार्ट सिटी के नाम पर सेल्फी प्वाइंट बनाकर विकास के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उसी के बराबर में नाले कूड़े-कचरे से पटे पड़े हैं। नालों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और पानी निकासी पूरी तरह बाधित दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यही नाले जलभराव का बड़ा कारण बनते हैं, जिससे राहगीरों और आसपास के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नगर पालिका की ओर से सफाई व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन तस्वीरें खुद व्यवस्था की सच्चाई बयान कर रही हैं।
नगरवासियों का आरोप है कि बहजोई को स्मार्ट सिटी घोषित तो कर दिया गया, लेकिन स्मार्ट सुविधाएं अभी तक धरातल पर नजर नहीं आ रही हैं। न तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त है, न जल निकासी की समुचित व्यवस्था और न ही नागरिक सुविधाओं में कोई बड़ा सुधार दिखाई दे रहा है।
लोगों का कहना है कि केवल सेल्फी प्वाइंट बना देने से कोई शहर स्मार्ट नहीं बन जाता, बल्कि स्मार्ट सिटी के लिए साफ-सफाई, बेहतर जल निकासी, सुचारु यातायात और नागरिक सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। फिलहाल बहजोई में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है।