लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता का बेहतर समन्वय प्रदेश को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने जापानी निवेशकों के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी की प्रतिबद्धता जताई।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को नई दिल्ली में जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में आए 200 से अधिक सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में उन्होंने जापानी कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
योगी ने कहा कि यूपी-जापान संबंधों को केवल निवेश तक सीमित न रखकर तकनीक, विनिर्माण, कौशल विकास और रोजगार सृजन से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और निवेश अनुकूल नीतियों को जापानी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक जापान की तकनीकी क्षमता और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक ताकत के मेल से विनिर्माण और तकनीक आधारित विकास को नई दिशा मिल सकती है। इससे निवेश बढ़ने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी उत्तर प्रदेश की निवेश क्षमता की सराहना की। उन्होंने प्रदेश के बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल और कारोबारी माहौल को जापानी कंपनियों के विस्तार के लिए अनुकूल बताया।
जापानी प्रतिनिधिमंडल का दौरा 23 अगस्त तक चलेगा। 19 अगस्त को नई दिल्ली में बैठकें होंगी, जबकि 21 अगस्त को लखनऊ में मुख्य निवेश सम्मेलन प्रस्तावित है। प्रतिनिधिमंडल आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में भी निवेश एवं कारोबारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा।
सरकार को उम्मीद है कि यह दौरा उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश बढ़ाने के साथ तकनीकी सहयोग, कौशल विकास और रोजगार सृजन को नई गति देगा।